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केरल विमान हादसा: मां को बर्थ डे पर सरप्राइज देना चाहते थे पायलट दीपक साठे, मौत से एक दिन पहले किया था कॉल

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नागपुर. केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट (Kozhikode Airport) पर दुबई से आ रहा एअर इंडिया का विमान शुक्रवार शाम को हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में दोनों पायलट सहित 18 लोगों की जान चली गई, जबकि सौ से ज्यादा यात्री घायल हो गए. विमान में 190 यात्री सवार थे. हर तरफ अनुभवी पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे (Capt Deepak Vasant Sathe) की तारीफ हो रही है कि उन्होंने विमान में आग लगने नहीं दिया. डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन दीपक की मौत हो गई. इस बीच उनके परिवार वालों से पता चला कि उनकी मां का जन्मदिन आने वाला था और वे इस मौके पर उनसे मिलकर सरप्राइज देना चाहते थे.

मां से बर्थडे पर मिलने वाले थे
कैप्टन दीपक साठे की मां मां का शनिवार को 84वां जन्मदिन था, लेकिन शुक्रवार को विमान हादसे में उनकी मौत हो गई. उनके भांजे डॉक्टर यशोधन साठे के मुताबिक कैप्टन दीपक ने अपने कुछ रिश्तेदारों से कहा था कि अगर उड़ान उपलब्ध होगी तो वो मां के जन्मदिन पर नागपुर पहुंचकर उन्हें सरप्राइज देंगे. उन्होंने कहा, ‘आज कैप्टन साठे की मां का जन्मदिन है. उन्होंने आखिरी बार मार्च में अपने माता-पिता से मुलाकात की थी, लेकिन फोन के जरिये वो बराबर उनके संपर्क में रहते थे. उन्होंने दो दिन पहले ही फोन पर बात की थी.’

नागपुर में रहती हैं मां
कैप्टन साठे अपनी पत्नी के साथ मुंबई रहते थे. उनकी मां नीला साठे अपने पति और सेना से रिटायर्ड कर्नल वसंत साठे के साथ नागपुर स्थित भारत कॉलोनी में रहती हैं. कोरोना वायरस की महामारी के चलते कैप्टन साठे ने मां से कहा था कि वो घर से बाहर नहीं निकलें. नीला साठे ने कहा ने कहा, ‘वो कहता था कि कोरोना वायरस के चलते मैं घर से बाहर नहीं निकलूं. वह कहता था कि अगर मुझे कुछ हुआ तो उन्हें सबसे ज्यादा दुख होगा और अचानक ये हादसा हो गया… भगवान की इच्छा के आगे हम क्या कर सकते हैं.’

हमेशा लोगों की मदद करता था मेरा बेटा
नीला साठे ने आगे कहा, ‘उन्हें टेबल टेनिस और स्क्वॉश में महारत हासिल थी और वो अच्छा घुड़सवार था. मेरे बेटे को स्वार्ड ऑफ ऑर्नर मिला, लेकिन वो अपनी उपलब्धियों की चर्चा नहीं करता था. वो लोगों की मदद करते थे और दूसरों की मदद के लिए कुछ भी कर सकते थे. गुजरात में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने कंधे पर उठाकर सैनिकों के बच्चों को बचाया था.’

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